नई दिल्ली, 17 मार्च 2020

कोरोना वायरस के चलते भारत की घरेलू इंडस्ट्री को 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो चुका है. इस समय होटल इंडस्ट्री, एविएशन इंडस्ट्री, रेस्टोरेंट इंडस्ट्री, टूरिज्म इंडस्ट्री सभी पर इस महामारी की मार पड़ी है और ये उद्योग बुरी तरह प्रभावित हो चुके हैं.

एविएशन इंडस्ट्री
लोग ट्रैवल करने से कतरा रहे हैं और एयरलाइन कंपनियों को मजबूरी में किराए घटाने पड़े हैं. इसके अलावा कल ही खबर आई थी कि सीएपीए (सेंटर फॉर एशिया पेसिफिक एविएशन) ने कहा है कि अगर सरकारों की तरफ से मदद नहीं मिली तो दुनियाभर की एविएशन कंपनियां दिवालिया हो जाएंगी. भारत में भी घरेलू एविएशन इंडस्ट्री के लिए बेहद खराब दौर चल रहा है.

टूरिज्म इंडस्ट्री का हाल
पर्यटन उद्योग पर कोरोना वायरस या कोविड-19 की दहशत का बुरा असर हुआ है. लोगों ने अपनी बुकिंग कैंसिल करवा दी हैं और ट्रैवल प्लान्स को टाल दिया है. इसके चलते टूरिज्म कंपनियों को भारी घाटा हो रहा है.

होटल इंडस्ट्री पर पड़ी मार
लोगों ने बाहर खाना कम कर दिया है, इसके अलावा बाहर से खाना मंगवाना भी कम कर दिया है जिसके चलते होटल इंडस्ट्री मुश्किलों से जूझ रही है. एप बेस्ड फूड सर्विसेज और रेस्टोरेंट की सर्विसेज पर भी असर पड़ा है. होटल इंडस्ट्री को कुल मिलाकर बेहद घाटा हो रहा है.

फिल्म इंडस्ट्री/सिनेमाहॉल पर असर
कोरोना वायरस के चलते फिल्मों के प्रोडक्शन पर असर पड़ा है और सिनेमाहॉल्स, मल्टीप्लेक्स तो खाली ही नजर आ रहे हैं. कई राज्यों में तो ये बंद कर दिए गए हैं और अगले आदेश तक इन पर रोक लगी रहेगी. इसका असर फिल्म इंडस्ट्री पर देखा जा रहा है और इस उद्योग को भारी नुकसान भी हो रहा है.

शू इंडस्ट्री
जूता उद्योग का 80-85 फीसदी माल चीन से आता है और कोरोना के चलते वहां से सप्लाई पर असर पड़ा है. लोग ऐसे समय में जूते जैसे वस्तु केवल बेहद जरूरी होने पर ही खरीद रहे हैं जिसके चलते इस इंडस्ट्री की बिक्री पर भारी असर पड़ा है. शू इंडस्ट्री अभी तक करीब 15-18 करोड़ रुपये के नुकसान को झेल चुकी है.

साफ है कि इस वायरस के असर से देश की कई इंडस्ट्री निगेटिव प्रभाव झेल रही हैं और इसका असर देश की आर्थिक प्रगति पर भी दिखेगा. आज मूडीज ने कह ही दिया है कि भारत की जीडीपी साल 2020 में 5.3 फीसदी पर रहेगी जो कि पहले 5.4 फीसदी पर आने का अनुमान था. इसके पीछे सबसे बड़ी वजह कोरोना वायरस ही है.

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