रायपुर, 20 फरवरी 2020

रायपुर पश्चिम के विधायक विकास उपाध्याय और जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गिरीश दुबे ने गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू से मिल कर शहर के अंदर दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट की अनिवार्यता से छूट दिये जाने की अपील की है।

विधायक विकास उपाध्याय ने गृहमंत्री साहू को सौंपे अपने ज्ञापन में कहा है कि शहर के भीतर यातायात का दबाव बहुत ज्यादा होता है, शहर की तंग गलियों में लोगों के मकान और दुकान हैं, उन्हें छोटी-छोटी चीजों के लिए कई बार दोपहिया वाहन लेकर निकलना पड़ता है।  ऐसे में हर वक्त हेलमेट लगाकर चलना संभव नहीं है। उन्होंने राजधानी के व्यस्त बाजारों और भीड़-भाड़ वाले रहवासी क्षेत्र में दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट लगाकर चलने की अनिवार्यता से मुक्त करने की अपील की है।

विकास उपाध्याय ने कहा कि हेलमेट का वो विरोध नहीं करते हैं, लेकिन शहर के व्यस्त मार्गों पर हेलमेट की अनिवार्यता नहीं रहनी चाहिये। इससे आमजनता परेशान होती है, पुलिस की नाकेबंदी और हेलमेट चेकिंग की वजह से जाम भी लगता है। आए दिन लोग हेलमेट के नाम पर पुलिस की ज्यादती की शिकायत लेकर विधायकों के पास पहुंच जाते हैं, सरकार की छवि के लिए ये ठीक नहीं है।

                                विकास उपाध्याय, विधायक, रायपुर पश्चिम

विकास उपाध्याय के साथ गृहमंत्री ताम्रध्वज से मिलने पहुंचे जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गिरीश दुबे ने संयुक्त ज्ञापन में खारुन नदी, कुम्हारी पर बने टोल नाका को तत्काल बंद करने की भी मांग की है। उन्होंने कहा है कि कुम्हारी टोल नाके की अवधि समाप्त हो चुकी है, उसके बावजूद लोगों से टैक्स वसूला जा रहा है। जो कि उचित नहीं है। उन्होंने गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू से तत्काल कुम्हारी टोल पर टैक्स वसूलने को बंद किये जाने की अपील की है।

गिरीश दुबे, अध्यक्ष, रायपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी

गौरतलब है कि राजधानी में पुलिस द्वारा चलाए गए हेलमेट अभियान के खिलाफ विधायक विकास उपाध्याय ने ऐलान किया था कि वो लाउड स्पीकर लेकर सड़कों पर उतरेंगे और जनता से चालान नहीं पटाने की अपील करेंगे। उन्होंने पुलिस पर हेलमेट के नाम पर लोगों को परेशान किये जाने का भी आरोप लगाया था। इस बात को लेकर विकास उपाध्याय की प्रदेश प्रभारी पन्नालाल पूनिया के साथ रायपुर एयरपोर्ट पर तीखी बहस भी हुई थी। हालांकि विकास उपाध्याय ने बहस जैसी बात से इंकार किया था, उन्होंने कहा था कि पूनिया जी ने उन्हें कुछ समझाइश दी थी, जिसका उन्होंने उचित तरीके से सम्मानपूर्वक जवाब दे दिया था, इसमें लड़ाई-झगड़े और बहस जैसा कुछ नहीं था, वो प्रदेश प्रभारी हैं, हम सबके लिए सम्माननीय व्यक्ति हैँ।

 

 

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