भोपाल, 17,मई 2019

भोपाल से भाजपा के टिकट पर संसद पहुुंचने के लिए मैदान में उतरीं प्रज्ञा ठाकुर वो उम्मीदवार हैं, जो पहले बड़े बोल बोलती हैं और फिर माफी मांगती हैं, ऐसा एक बार नहीं बल्कि कई बार हुआ है।ताजा मामला नाथूराम गोडसे को लेकर है। मालवा में चुनाव प्रचार के दौरान खुली जीप पर सवार प्रज्ञा ठाकुर से जब एक पत्रकार ने पूछ लिया कि नाथूराम गोडसे को वो क्या मानती हैं, तो प्रज्ञा ठाकुर ने बड़े दमखम के साथ कहा कि नाथूराम गोडसे देशभक्त थे, हैं और रहेंगे, लेकिन इस बयान पर जब हंगामा मचा और भाजपा नेता बगलें झांकने लगें, तो देर रात प्रज्ञा ठाकुर फिर से मीडिया के सामने आईं और नाथूराम गोडसे को लेकर दिये अपने बयान पर माफी मांगीं। प्रज्ञा ठाकुर ने अपनी माफी में कहा कि गांधीजी ने देश के लिए जो कुछ किया उसे भुलाया नहीं जा सकता है। मैं उनका बहुत सम्मान करती हूं,मेरी भावना किसी को आहत करने की नहीं थी, अगर किसी को ठेस पहुंची है तो मैं क्षमा मांगती हूं।

प्रज्ञा ठाकुर की इस माफी ने उनके उस दंभ को लाइन में लगा दिया, जिसमें प्रज्ञा ठाकुर ने नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताने के बाद बड़ी ठसक के साथ कहा था कि पार्टी की लाइन मेरी लाइन है। गोडसे पर प्रज्ञा ठाकुर  के बयान से भाजपा ने पहले ही किनारा कर लिया था, लेकिन जैसा कि हर नेता करता है कि मीडिया पर बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप मढ़ देता है, वैसा ही प्रज्ञा ठाकुर ने भी किया।

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