अप्रैल महीने के पहले तीन सप्ताह में औसत बेरोजगारी की दर 8.1 फीसदी रही है. थिंक टैंक, सेन्टर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी(सीएमआईई) के मुताबिक अप्रैल महीने में बेरोजगारी की दर लगातार बढ़ी है.

अप्रैल के पहले सप्ताह में बेरोजगारी की दर 7.9 फीसदी, दूसरे सप्ताह में 8.1 फीसदी और तीसरे सप्ताह में बेरोजगारी की दर 8.4 फीसदी रही है. हाउसहोल्ड सर्वे के बाद 23 अप्रैल को सीएमआईई ने यह आंकड़ा जारी किया है.

आंकड़ों के मुताबिक पिछले ढ़ाई साल में बेरोजगारी की दर सबसे अधिक रही है.

सीएमआईई की रिपोर्ट के मुताबिक, “पिछले मार्च महीने में प्रत्येक सप्ताह की तुलना में बेरोजगारी की दर अधिक रही है.”

रिपोर्ट में मार्च की तुलना में अप्रैल महीने में बेरोजगारी की दर अधिक रहने का अनुमान लगाया गया है. मार्च महीने में बेरोजगारी की दर 6.7 फीसदी रही थी.

सीएमआईई के मुताबिक, 25 अप्रैल तक देशभर में बेरोजगारी की दर 7.5 फीसदी रही है.  आंकड़ों के मुताबिक शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी की दर 7.6 फीसदी रही है. ग्रामीण क्षेत्रों में यह दर 7.5 फीसदी रही है.

  • एनडीटीवी की वेबसाइट के मुताबिक मार्च महीने के पहले सप्ताह में बेरोजगारी की दर 6.9 फीसदी और दूसरे सप्ताह में सात फीसदी बेरोजगारी दर रही थी. तीसरे और चौथे सप्ताह में बेरोजगारी की दर में मामूली सुधार आया था और यह 6.2 फीसदी और 6.4 फीसदी रही.

श्रम बल की भागीदारी दर  14 अप्रैल तक 44.3 फीसदी रही है. यह 25 फरवरी 2018 के बाद सबसे अधिक रही है. श्रम बल भागीदारी बढ़ने का अर्थ है कि बड़ी संख्या में युवा नौकरी खोज रहे हैं.

अप्रैल 2019 में श्रम बल की भागीदारी दर 43.5 फीसदी तक पहुंच गई है. मार्च 2019 के पहले तीन महीने में यह दर 42.3 फीसदी रही थी.

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