नई दिल्‍ली,

न्यूयॉर्क से छपने वाली अमेरिका की मशहूर ‘TIME’ मैग्जीन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लेकर अपने सुर बदल लिये हैं। लोकसभा चुनावों के दौरान 10 मई को टाइम मैग्जीन ने अपने कवर पेज पर नरेन्द्र मोदी को “डिवाइडर इन चीफ” बताकर तस्वीर छापी थी, लेकिन लोकसभा चुनावों में 303 सीटें जीतकर भाजपा के बहुमत में आने के बाद टाइम मैग्जीन के रुख में मोदी को लेकर बदलाव आ गया है।

28 मई को टाइम मैग्जीन में छपे मनोज लाड़वा के लेख में जो शीर्षक दिया गया है, उसमें कहा गया है कि ‘नरेन्द्र मोदी के अलावा और किसी प्रधानमंत्री ने बीते 5 दशकों में कभी भारतीय वोटरों को कभी इतना एकजुट नहीं किया, जितना कि मोदी ने किया है।’

टाइम मैग्जीन में लेख लिखने वाले मनोज लाड़वा ने शीर्षक दिया है “Modi Has United India Like No Prime Minister in Decades”। मनोज लाड़वा इंडिया इंक समूह के संस्थापक और सीईओ हैं। अपने लेख में एक सवाल के जवाब में मनोज लाड़वा ने लिखा है कि मोदी जातिगत भेदभाव को पार करने में सफल रहेहैं। जबकि सवाल पूछने वाले ने लिखा था कि , “कैसे यह कथित विभाजनकारी शख्स न केवल सत्ता में कायम रह पाया है, बल्कि उसके समर्थक और भी ज्यादा बढ़ गए हैं?”

टाइम मैग्जीन ने अपने लेख में इंदिरा गांधी का भी जिक्र किया है। लिखा है कि इंदिरा गांधी अपने दम पर संसद में बहुमत पाने वाली भारत की आखिरी प्रधानमंत्री थीं। उनके गठबंधन को कुल मतों का 50 फीसदी वोट हासिल हुआ था। लेकिन मोदी जो खुद निचली जाति से आते हैं उन्होंने देश के शीर्ष नेता का सफर तय किया और ये भारत की जनता को पसंद आया है। टाइम मैग्जीन ने मोदी के स्वच्छ भारत अभियान, बिजली वितरण व्यवस्था का भी उल्लेख कियाहै। मैग्जीन ने लिखा है कि मोदी हिंदू और मुसलमानों को गरीबी से बाहर ले जाने की ओर अग्रसर हैं। हालांकि नोटबंदी एक कड़ा फैसला था लेकिन इसके दूरगामी परिणाम निकले हैं।

TIME के लेख में कहा गया कि मोदी ने महंगाई को काबू किया और जीएसटी लाकर भारत को असल मायनों में एक बाजार में बदल दिया। लेख में मोदी से कुछ अपेक्षाएं भी रखी गई हैं, जैसे दुनिया का सबसे बड़ा स्‍टार्ट-अप इको सिस्‍टम का वादा पूरा करना।  यह भी कहा गया है कि भारत के मतदाताओं के लिए ‘न्‍यू इंडिया’ का मोदी का सपना उसी तरह बरकरार है।

टाइम के रुख में मोदी को लेकर आए बदलाव के मायने- 

30 मई को नरेन्द्र मोदी दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ग्रहण करेंगे। शपथ ग्रहण समारोह गुरुवार शाम 7 बजे होगा। लेकिन उससे पहले टाइम मैग्जीन के लेख में नरेन्द्र मोदी को लेकर दिखाई गई नरमी और आए बदलाव इस बात का संकेत हैं कि मोदी की प्रचंड जीत का विश्वव्यापी असर हुआ है।

मोदी भारत ही नहीं बल्कि एशिया में बड़ी और ताकतवर शख्सियत बनकर उभरे हैं। मोदी भारत के ऐसे पहले गैर कांग्रेसी शख्सितय हैं जो सिर्फ और सिर्फ अपने चेहरे और छवि की बदौलत सहयोगियों के साथ मिलकर 354 सीटें जीतने में कामयाब रहे हैं। मोदी की पार्टी भारतीय जनता पार्टी दुनिया की पहली और सबसे ज्यादा सदस्यों वाली एकमात्र पार्टी है। मोदी विश्व के ऐसे नेता हैं जो अमेरिका के पूर्व प्रधानमंत्री बराक ओबामा के बाद सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा फॉलो किये जाते हैं। मोदी उस देश के प्रधानमंत्री हैं जिसकी आबादी (130 करोड़) दुनिया में चीन के बाद सबसे ज्यादा है। मोदी उस देश के प्रधानमंत्री हैं, जहां दुनिया के सबसे ज्यादा उपभोक्ता हैं, मोदी उस देश के प्रधानमंत्री हैं जहां दुनिया की सबसे ज्यादा युवा आबादी है। मोदी उस देश के प्रधानमंत्री हैं जहां 56.6 करोड़ इंटरनेट यूजर्स हैं। जो कि यूनाइटेड स्टेट्स के इंटरनेट उपभोक्ताओं के लगभग करीब हैं। मोदी उस देश के प्रधानमंत्री हैं जहां उत्पादन, उपभोग और उपभोक्ता की संख्या सबसे ज्यादा है। 

जाहिर है ऐसे उभरते देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ टाइम मैग्जीन कैसे विरोध में खड़ा हो सकता है। किसी पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर टाइम मैग्जीन ने 10 मई को अपने कवर पेज पर मोदी को देश को बांटने वाला बता दिया होगा, लेकिन अपनी भूल सुधार करके टाइम मैग्जीन ने इस बार सच्चाई और यथार्थता को आंकते हुए ही मोदी के बारे में लिखा है।

 

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