रायपुर,

भारत सरकार के डिजिटल भारत मूवमेंट को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने डिजिटल और वेब जर्नलिज्म को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। छत्तीसगढ़ जन संपर्क विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सरकार ने प्रदेश में न्यूज़ पोर्टल, न्यूज़ वेबसाइट के जरिए वेब जर्नलिज्म (इंटरनेट पत्रकारिता) कर रहे पत्रकारों को सहूलियत और राहत देने के लिए वेब जर्नलिज्म पॉलिसी तैयार कर ली है। जल्द ही इस पॉलिसी को लागू कर दिया जाएगा। पॉलिसी लागू होने के बाद उसी के आधार पर वेब न्यूज़ पोर्टल और न्यूज़ वेबसाइट्स को जनसंपर्क विभाग की ओर से विज्ञापन जारी किये जाएंगे।

हालांकि जनसंपर्क विभाग की ओर से तैयार की गई पॉलिसी में क्या-क्या नियम और प्रावधान रखे गए हैं, इसका पूरा विवरण सामने नहीं आ पाया है। लेकिन बताया जा रहा है कि जिन न्यूज़़ पोर्टल और न्यूज़ वेबसाइट्स के प्रतिमाह 50,000 हिट्स होंगे उनको विज्ञापन दिया जाएगा।

न्यूज़ पोर्टल और न्यूज़ वेबसाइट्स को मिलने वाले रीडर्स के हिट्स और गूगल एनालिटिक्स के हिसाब से अलग-अलग कैटेगरीज में निर्धारित किया जाएगा। हिट्स का आंकलन वेब मीडिया संचालक के मुहैया कराए गए आंकड़ों से निर्धारित नहीं होगा बल्कि जनंसपर्क विभाग गूगल एनालिटिक्स, एलेक्सा जैसे थर्ड पार्टी से वेबसाइट के हिट पता करेगी, जिसके आधार पर ही वेबसाइट की कैटेगरी तय की जाएगी।

जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों के मुताबिक वेब जर्नलिज्म की बढ़ती लोकप्रियता और उसके व्यापक दायरे को देखते हुए वेब जर्नलिज्म के लिए एक बेहतर पॉलिसी लागू किया जाना जरूरी हो गया था।

कमेटी की अनुशंसा के बाद जारी होंगे विज्ञापन

वेब जर्नलिज्म की पाॅलिसी बनाए जाने के साथ ही जनसंपर्क विभाग ने एक कमेटी का गठन किया है।  यह कमेटी विज्ञापन से जुड़े तमाम आवेदन वेब मीडिया संचालकों से लेगी।  वेबसाइट्स के यूनिक हिट्स के आंकलन के बाद ही कमेटी विज्ञापन के लिए अनुशंसा करेगी।  कमेटी की अनुशंसा के बाद ही वेबसाइट को विज्ञापन दिए जाएंगे।

वेब जर्नलिज्म एसोसियेशन ऑफ इंडिया (WJAI) ने किया स्वागत

वेब जर्नलिज्म के लिए पॉलिसी तैयार करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है। अब तक देश के किसी भी राज्य में वेब न्यूज़ पोर्टल और न्यूज़ वेबसाइट चलाने वाले और उनमें काम करने वाले पत्रकारों के लिए कोई सरकारी पॉलिसी नहीं थी, वेब जर्नलिज्म को बढ़ावा देने और वेब पत्रकारों को सहूलियत प्रदान करने के भूपेश बघेल सरकार के इस कदम का वेब जर्नलिज्म एसोसियेशन ऑफ इंडिया (WJAI) ने स्वागत किया है।

WJAI के छत्तीसगढ़ राज्य के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष माधो सिंह ने कहा है कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद से पत्रकारों से संंबंधित तमाम जरूरी फैसले लिये हैं, उनमें वेब पत्रकारों को विज्ञापन जारी करने के लिए पॉलिसी तैयार किये जाने का निर्णय स्वागत योग्य कदम है। इसके लिए भूपेश बघेल सरकार की जितनी प्रशंसा की जाए, उतनी कम है। WJAI के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष माधो सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में जब कहीं न कहीं आए दिन पत्रकारों पर हमले हो रहे हैं, तमाम पत्रकारों की नौकरियां एक झटके में समाप्त की जा रही हैं, ऐसे में वेब जर्नलिज्म पत्रकारिता एवं पत्रकारों के लिए ताजी हवा का झौंका है। जिसमें टेलीविजन की बोरियत और बासीपन नहीं है, विज्ञापनों से भरे अखबार का उबाऊपन नहीं है। बल्कि ताजा और सबसे तेज समाचार देने की कला है। जो पूरी तरह तकनीक पर आधारित है।

वेब जर्नलिस्ट एसोसियेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री आनंद कौशल और महासचिव अमित रंजन ने भी छत्तीसगढ़ सरकार के इस कदम का स्वागत किया  है। जल्द ही WJAI का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलकर वेब जर्नलिज्म के लिए पॉलिसी बनाए जाने पर धन्यवाद ज्ञापित करेगा, साथ ही विज्ञापन दिये जाने के नियम-शर्तों में नरमी बरते जाने की भी अपील करेगा, ताकि वेब जर्नलिज्म से जुड़े ज्यादा से ज्यादा पत्रकारों को पॉलिसी का लाभ मिल सके।

WJAI वेब पत्रकारों का एकमात्र राष्ट्रीय संगठन

वेब जर्नलिस्ट एसोसियेशन ऑफ इंडिया वेब पत्रकारिता कर रहे पत्रकारों का एकमात्र राष्ट्रीय संगठन है। जिसका मुख्यालय बिहार की राजधानी पटना में है। एसोशियन से देश भर में वेब न्यूज़ पोर्टल एवं न्यूज़ वेबसाइट्स के जरिए पत्रकारिता कर रहे हजारों पत्रकार जुड़े हुए हैं। संगठन सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत निबंधन की प्रक्रिया में है।

संगठन का मकसद वेब पत्रकारों के हित और उनकी सुरक्षा से जु़ड़े मुद्दों को उठाना और वेब पत्रकारों के लिए काम करना है। WJAI तेजी से भारत के सभी राज्यों विस्तार कर रहा है। किसी भी एक वेब पोर्टल, न्यूज़ वेबसाइट से चार लोगों को संगठन की सदस्यता लेने की पात्रता है। सदस्य बनने के इच्छुक वेब पत्रकार निर्धारित प्रारूप में फॉर्म भरकर और निर्धारित शुल्क अदा कर संगठन के सदस्य बन सकते हैं।  संगठन के मुख्य संरक्षक एनबीए के पूर्व महासचिव एन. के. सिंह हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार आनन्द कौशल, महासचिव अमित रंजन और कोषाध्यक्ष ओम प्रकाश अश्क हैं।  वरिष्ठ पत्रकार रजनीशकांत महाराष्ट्र, हर्षवर्धन द्विवेदी उत्तर प्रदेश, माधो सिंह छत्तीसगढ़ राज्य के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैँ। आशीष शर्मा ऋषि, सुरेश त्रिपाठी, निखिल केडी वर्मा आदि दर्जनों पत्रकार संगठन से जुड़े हैं।

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