जयपुर

रीको द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘‘कैपेसिटी बिल्डिंग’’ विषय पर बुधवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें समस्त राजस्थान में रीको के इकाई कार्यालयों में पदस्थापित इकाई प्रभारियों एवं उप-इकाई प्रभारियों सहित रीको के मुख्यालय में कार्यरत् उच्चाधिकारी शामिल हुए। कार्यशाला में विभिन्न विषयों यथा रीको डिस्पोजल ऑफ लैण्ड रूल्स, 1979 (समय-समय पर संशोधित), भूमि का चिन्हीकरण तथा राजस्थान सरकार से भूमि के आवंटन की प्रक्रिया, निजी खातेदारों से भूमि अवाप्ति, औद्योगिक क्षेत्रों की प्लानिंग, भूखण्ड़ आवंटन एवं निरस्तीकरण प्रक्रिया, आई टी, ईआरपी मॉड्यूल्स का बेहतर उपयोग, कानूनी तथ्यों तथा नेशनल कम्पनी लॉ ट्रिब्यूनल, सिविल वर्क्स तथा एमओयू मॉनिटरिंग, फाईनेंशियल रिपोर्टिंग, इन्वेस्टर्स फैसिलिटेशन आदि विषयों के बारे में विस्तृत चर्चा की गयी तथा रीको की वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अपना अनुभव एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया।कार्यशाला में निवेशकों को आकर्षित करने तथा उन्हे बेहतर सेवाऐं उपलब्ध करवाना, उद्यमियों की समस्याओं को सुनना तथा उनका उचित समाधान करने, बेहतर पर्यावरण प्रबंधन तथा औद्योगिक क्षेत्रों के रखरखाव से संबंधित बेहतरीन कार्य प्रणालियों (बेस्ट प्रेक्टिस) के बारे में बताया गया तथा उन्हे प्रोत्साहित करने हेतु प्रेरित किया गया।

राइजिंग राजस्थान में रीको के करीब 4720 एमओयू निष्पादित हुए, इन एमओयू को धरातल पर उतारकर राज्य में निवेश करवाना ही रीको की प्राथमिकता है। इन निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने से राज्य के आर्थिक विकास को बढावा मिलेगा। साथ ही साथ लोगों को रोजगार मिलेगा। इसी दिशा में रीको ने प्रत्यक्ष भू-आवंटन योजना-2025 जारी की गयी। जिसके द्वितीय चरण के अंतर्गत 28 मई, 2025 तक ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। सभी इकाई प्रभारियों को दिशा-निर्देश दिए गए कि वो हर एमओयू होल्डर से व्यक्तिगत संपर्क कर उन्हें प्रत्यक्ष आवंटन योजना में आवेदन करने के लिए प्रेरित करें, जिससे उनका एमओयू धरातल पर उतर सके। सभी इकाई प्रभारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि औद्योगिक क्षेत्रों के रखरखाव पर विशेष ध्यान दें। साथ ही साथ आवंटियों की समस्याओं का समाधान त्वरित गति से करें। साथ ही निकट भविष्य में राज्य में औद्योगिक विकास एवं निवेश आकर्षण हेतु कार्यशाला में उपस्थित इकाई प्रभारियों तथा उप-इकाई प्रभारियों से फीडबेक व सुझाव प्राप्त किए, ताकि आवश्यक सुधार किया जा सके।

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