रायपुर

छत्तीसगढ़ की महिलाएं अब न सिर्फ परिवार की रीढ़ हैं, बल्कि समाज और राज्य के विकास में भी अहम भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए सतत प्रयास कर रही है। महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज अंबिकापुर में राजमोहिनी देवी भवन में आयोजित नारी सशक्तिकरण महाकुंभ रैम्पवॉकश् कार्यक्रम दौरान यह बातें कहीं।

मंत्री राजवाड़े ने महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, यह कार्यक्रम नारी के सम्मान का प्रतीक है। महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कर रही हैं। राज्य सरकार महतारी वंदन योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने सभी महिलाओं से अपने आत्मबल को और सशक्त करने, परिवार व समाज के प्रति अपने दायित्वों को निभाने तथा हर क्षेत्र में नेतृत्व भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में अंबिकापुर नगर निगम की महापौर मंजूषा भगत, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। डॉक्टर, शिक्षिका, खिलाड़ी, गृहिणी, किसान, पॉलिटिशियन, ब्यूटीशियन जैसे तमाम पेशों की महिलाओं ने रंग-बिरंगी पोशाकों में आत्मविश्वास के साथ रैम्प पर चलकर यह संदेश दिया कि वे अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। यह रैम्पवॉक सिर्फ एक फैशन शो नहीं, बल्कि नारी शक्ति की झलक, उसकी भूमिका और उसकी पहचान को उजागर करने वाला मंच बन गया। यह आयोजन सरगुजा की धरती पर महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावशाली और प्रेरणादायक पहल के रूप में याद किया जाएगा।

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