नई दिल्ली, 8 जुलाई 2020

अज़ब है लेकिन सच है! जी हां सही पढ़ा आपने, दुनिया में स्मार्टफोन बनाने वाली एक भी ऐसी कंपनी नहीं है जो चीन से आयातित कलपुर्जों के बिना स्मार्टफोन का निर्माण करती हो। यानि सभी स्मार्टफोन ब्रांड्स के कलपुर्जे चीन से ही आयात होते हैं। भारत ने गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों और चीनी सैनिकों के बीच हुई भिडंत के बाद चीनी सामान का बहिष्कार किया जा रहा है। खुद प्रधानमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया है कि वो मेक इन इंडिया को बढ़ाने के लिए आत्मनिर्भरता पर ध्यान दें और भारत में ही स्मार्टफोन और अन्य चीजें बनाएं।

लेकिन मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की सफलता के किस्से सुनने से पहले ये जानना बेहद जरूरी है कि  भारत में स्मार्टफोन के प्लांट्स, अन्य देशों से पुर्जे आयात करते हैं और यहाँ उनको असेम्बल करते हैं, जिसे हम “मेक इन इंडिया” के नाम से जानते हैं, उसके 250 से अधिक प्लांट्स हैं।

ये पुर्जे (पार्ट्स) निम्नलिखित देशों से आयात किये जाते हैं:

  1. चीन
  2. वियतनाम
  3. ताइवान
  4. भारत – कुछ पुर्जे यहाँ भी बनते हैं।

प्रिंटेड सर्किट बोर्ड्स और चिप्स ताइवान से आयात होती हैं और कैमेरा मॉड्यूल, डिस्प्ले, बैटरी इत्यादि चीन और वियतनाम से आयात किये जाते हैं।

दूसरे देशों से आयात क्यों?

यदि कोई स्मार्टफोन ब्रांड, पूर्णतः असेम्बल किया हुआ स्मार्टफोन आयात करता हैं, तो उसे हमारी सरकार द्वारा निश्चित किए गए आयात शुल्क (इम्पोर्ट ड्यूटी) को वहन करना पड़ेगा। अतः स्मार्टफोन ब्रांड्स, टैक्स को कम करने के लिए यहाँ असेम्बल एवं आयात करते हैं।

निर्माण करने के बजाए असेम्बलिंग क्यों?

अब भारत, वैश्विक स्मार्टफोन्स बाजार में दूसरी सर्वाधिक हिस्सेदारी के साथ खड़ा हैं। किंतु पहले भारत मे स्मार्टफोन या फोन सीधे ही विदेशों से आयात कर, बेचे जाते थे। भारत मे “मेक इन इंडिया” प्रारंभ होने एवं आयात शुल्क बढ़ने के बाद, स्मार्टफोन के ब्रांड्स ने पुर्जों को आयात करना शुरू कर दिया क्योंकि हमारे यहाँ उनकी निर्माण इकाइयां नहीं थी। किन्तु अब सैमसंग, वीवो, ओप्पो, शाओमी और कुछ दूसरे ब्रांड्स ने अत्यधिक पूंजी निवेश करके यहाँ निर्माण (असेम्बलिंग) कार्य शुरू कर दिया हैं।

पुर्जों को आयात करने के अलावा, यहाँ भारत में, कुछ पुर्जे जैसे फिंगर प्रिंट सेंसर्स और डिस्प्ले आदि निर्माण भी किये जा रहे हैं (अधिक मात्रा में नहीं)। भविष्य में सैमसंग डिस्प्ले बनाने के लिए पूंजी निवेश कर सकता हैं। इसके साथ ही हम दूसरे निवेशकों को, महामारी और चीन पर निर्भरता हटाने के लिए यहाँ पूंजी निवेश करते हुए देख सकते हैं।

क्या यहाँ असेम्बल करना बुरा हैं?

निश्चित तौर पर नहीं, क्योंकि इसने रोजगार के कई अवसर प्रदान किये हैं और हमारी अर्थव्यवस्था में योगदान दिया हैं। यह एक बड़ी उपलब्धि की पहल जैसा हैं जैसे कि उत्पादन शुरू करना।

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By Admin

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