छत्तीसगढ़
आज विधानसभा में घूसखोरी के पंजीकृत प्रकरणों पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले एक वर्ष में 72 प्रकरण आर्थिक अपराध संबंधी दर्ज हुए हैं। जिसमें 32 लाख रुपए से अधिक जप्त कर कुल 114 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जबकि कांग्रेस सरकार के अंतिम वर्ष 2023 के कार्यकाल में भ्रष्टाचार संबंधी सिर्फ एक प्रकरण दर्ज हुआ है। प्रदेश में घूसखोरी के प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई के मायने में भाजपा की सरकार अपने पिछले 1 वर्ष के कार्यकाल में ही कांग्रेस के 1 वर्ष के कार्यकाल की तुलना में कही आगे निकल गई है।
आज विधानसभा में पूछे गए लिखित प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने लिखित जवाब प्रस्तुत किया। उन्होंने विधानसभा में विधायक विक्रम मंडावी और शेषराज हरबंश के द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री ने सदन को इसकी जानकारी दी। विधायक विक्रम मंडावी ने पूछा था कि जनवरी 2024 से 10 फरवरी 2025 तक आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो में आर्थिक अपराध, वित्तीय लेनदेन के कितने केस दर्ज हुए? 1 जनवरी 2023 से 31 दिसंबर 2023 तक की अवधि में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो द्वारा प्रदेश के कितने अधिकारी– कर्मचारियों के विरुद्ध आर्थिक अपराध के प्रकरण दर्ज किए गए?
कांग्रेस विधायक शेषराज हरवंश ने पूछा था कि दिसंबर 23 से 31 जनवरी 25 तक ईओडब्लू द्वारा प्रदेश में कितने अधिकारी–कर्मचारी और अन्य लोगों को पकड़ा गया है? कितने अपराध पंजीबद्ध किए गए हैं? कितनी राशि जप्त की गई है?
मुख्यमंत्री ने लिखित जवाब में कि जनवरी 2024 से 31 जनवरी 2025 तक आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो द्वारा 71 प्रकरण वही 10 फरवरी 2025 तक 72 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। जबकि 1 जनवरी 2023 से 31 दिसंबर 2023 ( कांग्रेस सरकार के कार्यकाल) तक की अवधि में ईओडब्लू के द्वारा सिर्फ अंकिता पाणिग्रही, सहायक प्रबंधक इंडियन ओवरसीज बैंक राजिम एवं अन्य के विरुद्ध आर्थिक अपराध का एक प्रकरण दर्ज किया गया है।