नई दिल्ली, 4 मई 2020

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने लॉकडाउन के कारण देशभर में फंसे मजदूरों की घर वापसी पर उनका रेल का किराया कांग्रेस द्वारा वहन किये जाने की  घोषणा की है। सोनिया गांधी ने आज एक बयान जारी करके कहा कि श्रमिक और कामगार देश की रीढ़ हैं। उनकी मेहनत और कुर्बानी राष्ट्र निर्माण की नींव है। सिर्फ चार घंटे के नोटिस पर लॉक डाउन करके लाखों श्रमिक और कामगारों को घर लौटने से वंचित कर दिया गया। 1947 में बंटवारे के बाद देश ने पहली बार इस तरह का दिल दहलाने वाला मंजर देखा है कि हजारों श्रमिक और कामगार सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर घर वापसी के लिए मजबूर हुए हैं। इन मजदूरों के पास न राशन है, न पैसा है, न दवाई, न साधन, है तो बस अपने पैरों के बल पर अपने परिवार के पास वापस गांव पहुंचने की लगन। इनकी व्यथा सोचकर ही मन कांप जाता है।

सोनिया गांधी ने अपने बयान में लिखा है कि बड़े दुख की बात है कि भारत सरकार और रेल मंत्रालय इन मेहनतकशों से मुसीबत की इस घड़ी में रेल यात्रा का किराया वसूल रहे हैं।  सोनिया ने लिखा कि जब हम विदेशों में फंसे भारतीयों को अपना कर्तव्य समझकर हवाई जहाजों से सकुशल वापस ला सकते हैं, गुजरात के एक कार्यक्रम मे सरकारी खजाने से 100 करोड़ रुपये ट्रांसपोर्ट एवं भोजन आदि पर खर्च कर सकते हैं। रेल मंत्रालय प्रधानमंत्री के कोरोना फंड में 151 करोड़ रुपये दे सकता है तो फिर तरक्की के इन ध्वजवाहकों को आपदा की घड़ी में नि:शुल्क रेल यात्रा की सुविधा क्यों नहीं दे सकते हैं ?

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